Terrorism and Fake brotherhood had turned "Indian heaven Kashmir

Terrorism and Fake brotherhood had turned Indian heaven Kashmir from India’s crown into a scar:-कश्मीर ताज नहीं, दाग बना दिया गया है—वहाँ के आतंकी नेटवर्क ने।

Terrorism and Fake brotherhood had turned “Indian heaven Kashmir” from India’s crown into a scar:-“कश्मीर ताज नहीं, दाग बना दिया गया है—वहाँ के आतंकी नेटवर्क ने।

Blood on the valley's trails: Pahalgam terror attack rekindles Jammu and  Kashmir's darkest memories | India News - The Times of India
Terrorism and Fake brotherhood had turned “Indian heaven Kashmir

कश्मीरी हिंदू नरसंहार:याद रखना क्यों ज़रूरी है। जब कश्मीरी हिंदुओं को निकाला जा रहा था, तब वहाँ के मुसलमान कहाँ थे?” — यह प्रश्न नफ़रत के लिए नहीं, जवाबदेही और आत्ममंथन के लिए उठता है। हम सनतानिओ को नफरत की बात करना कभी सिखाया ही नहीं गया बस कटना और लुटना सिखाया गया है। हमे इतना कमजोर इस कांग्रेस पार्टी ने कर दिया था की हम लड़ना ही भूल गए थे। इसके साक्ष आज भी भारत में जगह जगह पर देखने को मिल जाएंगे।

कश्मीर से आते है भटके हुए नौजवान:-यहाँ भटके हुए नौजवानों को वही दोहरी राजनीति समर्थन देती है, और इनके खाद पानी की व्यवस्था इनके द्वारा दी जाती है। देश की सारी विरोधी पार्टिया एक साथ एक मंच पे आकर इन जेहादियों के लिए खड़े हो जाते है इनको मासूम बताते है।
ऐसे जेहादी देश के किसी भी प्रोफेशन में रहकर देश की लिए आस्तीन के सांप बन जाते है। जेहादियों का एक बहोत बड़ा समूह हमारे देश के बॉलीवुड में अपने पैर जमा चूका है। नस्सरूद्दीन जैसे खतरनाक सपोले इनके स्लीपर सेल है।

संस्थाओं पर खतरा: मासूमो का ज्यादा पढ़ा लिखा होना खतरा है:- अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश में नाम देखकर ही इलाज करवाना पड़ेगा। संस्थानों की फैकल्टी तक चेक करके एडमिशन तक मजबूर होना पढ़ रहा है। देश में बहोत से इंस्टिट्यूट ऐसे है जहा पर एडमिशन लेना ही एक तरह से ISIS के कैंप में सिलेक्शन के बराबर है। ऐसे संस्थानों से ही निकला मासूम अभी दिल्ली लालकिला के पास फटा था।

“राष्ट्रहित बनाम बॉलीवुड घुसपैठ”-भारत का ताज कह जाने वाला कश्मीर तो हम सनातनियो के खून से लाल हो चूका है। बंगाल में निरंतर खून बहाया जा रहा है। सर तन से जुदा हो जाते है। “बॉलीवुड के कुछ भांड़ भी आतंकी नैरेटिव की भाषा से खून बहाने में योगदान करते हैं। इनके बचो के नाम भी अक्रान्ताओ के नाम पर ही है ये सब हमे दिखाने के लिए की तुम बेशक हमे अपना समझो लेकिन मौका पड़ते ही हमारे मासूम कही भी फट जाएंगे।
आज भी बॉलीवुड में कुछ दोगले सनातनी जो इन जेहादियों भाँडो से अपने रिश्ते रखते है। अपनी बेटियों को इन जेहादी भाँडो को सौंप देते है।

“कट्टरपंथियों के लिए आज भी दो देश होते हैं—एक जहाँ रहते और छेद करते हैं, दूसरा देश बेचने वाले एजेंडे पे चलते है। भारत माँ तक कहना इनके लिए पाप है। राष्ट्र गान तक गाने में इनको शर्म अति है। जेहादियों के लिए मुँह तक नहीं खुलता भारत तोड़ो गैंग का साथ देने के लिए विदेश तक चले जाते है। आज भी पाकिस्तान और चीन कुछ दोगले लोगो के लिए आज भी भारत माँ से बढ़कर है।

कश्मीर में कभी शूटिंग होती थी, और आज?” अब वहां सिर्फ़ खामोशी नहीं है—बल्कि आतंकवाद, कट्टरपंथ और राजनीतिक एजेंडा ने माहौल बदल दिया है। कभी युवा, किसान और बच्चे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीते थे, अब डर और अस्थिरता ने उनका जीवन प्रभावित किया है। स्कूलों और बाज़ारों में पहले की तरह हँसी नहीं, बल्कि सतर्कता और तनाव का राज है। यह बदलाव केवल आतंकियों और उनकी साजिशों का नतीजा है, जो कश्मीर की पहचान को बदलने में लगे हैं। भारत ने सुरक्षा और विकास के उपाय किए हैं, लेकिन अभी भी चुनौतियाँ पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

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