Rahul Gandhi “Studied at Harvard, but speaks with gutter language and Gali-chaap vocabulary:-“संवैधानिक पदों पर भी तू-तड़ाक की हिम्मत।

“सम्मानित पद, लेकिन भाषा पूरी तरह सड़कछाप”-2014 के बाद से यह लगातार देखा गया है कि राहुल गांधी ने देश के प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति संवाद में मर्यादा नहीं बरती। ये इनकी आदत नहीं घृणा से भरी हुई जुबान है हमारे मोदी जी के लिए, जो हमारे जैसो से आज तक बर्दास्त नहीं होती है खून खौलने लगता है। आज तक किसी भी प्रतिपक्ष नेता ने देश के प्रधानमंत्री के बारे ऐसा घिनौना और नफरत से भरा कभी नहीं बोला है। पर इसके लिए तो प्रधानमंत्री का पद इनके खानदान की जागीर है। जो पैदा होने से पहले ही इन लोगो को मिल जानी चाइये और हमारे जैसे इनके गुलाम बने रहे है और इन्ही की चाटुकारिता करते रहे। जैसे पिछले ६५ साल से हमारे शरीफ और भोले बुजुर्ग इनकी बातो में फस के रह गए थे।
“शिक्षा लेने गए थे या गाली सीखने?-इनको तो हम ये भी नहीं कह सकते अपने माँ बाप का पैसा बर्बाद करने गया था विदेशी संस्थाओ में क्यों की वो पैसा भी हमारे देशवाशियो के खून पसीने का था। अगर HARVARD जैसे संस्थानों में पढ़ने के बाद रिजल्ट इस रूप में आता है तो हमे अपने देश के सरकारी स्कूलों पे गर्व है।
भारत देश तो वैसे इस ही परिवार के लिए बस लूटने का साधन है। पीढ़ी दर पीढ़ी ऐसे राजनीती परिवार देश का लूटते आ रहे है। और इनकी छाओ में ही और भी दूसरे छोटे छोटे लूटेरो के परिवार है जिन्होने भारत देश के राज्यों को लूटने का ठेका ले रखा है।
देश पूछता है नाचता कौन अच्छा है ?-हाल ही में बिहार इलेक्शन के दौरान हमारे देश के प्रसिद्ध गिरे हुए पप्पू ने हमारे प्रधानमंत्री को नाचने वाला बताया था।
जबकि हक़ीक़त से पूरा देश ही वाकिब है की डांस और बियर की कीमत हमसे ज्यादा कौन समझेगा। अगर ऐसे चरित्र जब डीएनए के द्वारा आ जाते है तो लोग भांड बन के घूम रहे होते है।
हम Genz ऐसे देश विरोधी प्रतिपक्ष का विरोध करते है। और आने वाले समय में इन्हे इनके ननिहाल में विस्थापित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगे।
राहुल तेरी ही कब्र खुदेगी :-ऐसा बोल के हम इसको कब्र में नहीं धकेल रहे बल्कि ये बता रहे की कब्र का खुदना तो तेरे धरम में है। वैसे तो इसे इतना भी नहीं पता होगा की ये दफनाया जायेगा या जलाया जाएगा क्यों की अभी इसका पता करने के लिए भी हर इंसान के पास साक्ष होने चाइये। पता हम भी कर रहे है पर भारत छोड हर देश से रिश्ते है इसके तो ऐसे को हमारे यहाँ लावा।।।।कह सकते है।
राहुल गांधी, छठे सदस्य हैं। जो वर्तमान में देश को गली देकर ‘सत्ता का आनंद ले रहे। औरंगजेब भी अपने ही परिवार की छटवी पीढ़ी थी जो इतहास के पन्नो में दफ़न हो गया। इसमे और उस मुग़ल की औलादो में कोई ज्यादा अंतर नहीं है। उसको भी इसी मिटटी से नफरत थी और इनको भी न तो वो यहाँ के थे न ये लोग यहाँ के है।
राहुल गांधी छठे सदस्य हैं जो वर्तमान में ‘सत्ता का आनंद ले रहे हैं’. भाजपा नेता ने कहा, ‘इसके बाद कांग्रेस का भी वही हश्र होगा जो मुगलों का हुआ था. वे लगातार ऐसी बातें कह रहे हैं जिनसे ऐसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं जो उन्हें इतिहास के पन्नों में दफन कर देंगी.
