Dhruv Rathee, Mini Pappu A black stain on the nation’s image:-Mini Pappu राष्ट्रीय कलंक।
भ्रामक एजेंडा:-हरियाणा ने देश को सिपाही दिए हैं, शहीद दिए हैं, और देशभक्तों की पीढ़ियाँ दी हैं। यह दुर्भाग्य है कि ऐसी पवित्र मिट्टी में ध्रुव राठी जैसा दाग पैदा हो गया।हरियाणा की पहचान वफ़ादारी है, विश्वासघात नहीं—और यह इतिहास बार-बार साबित कर चुका है। जिस देश ने तुम्हें पहचान दी, उसी राष्ट्र के सम्मान के साथ खुला विश्वासघात है।

एक नाम, देश भर की बदनामी:- इतिहास गवाह है, भारत ने सालों से बड़े‑बड़े देश विरोधियो को झेला है—नाम बदले, चेहरे बदले, चाल वही रही।
हर दौर में इस जैसे कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए देश की पीठ में छुरा घोंपते आये है, और ये दर्द हमारे जैसे राष्ट्र भक्त सालो से झेल रहे है।
अपनी हर एक वीडियो में राष्ट्र की मिट्टी के नमक का सौदा करता हो, ऐसे नमक हारमो को आराम की नींद कैसे आ जाती है?
सरनेम अलग है, लेकिन लक्षण वही पुराने हैं:-ऐसी हरकत मुग़लों के लक्षण हैं—स्वार्थ, सत्ता की लालसा और देश की इज़्ज़त पर हाथ डालने की प्रवृत्ति।
जहाँ अपना हित राष्ट्र के हित से ऊपर रखा जाए, वहाँ नाम या रूप कोई मायने नहीं रखते।
इतिहास साफ़ है—जो देश की मिट्टी और जनता के भरोसे को तिल-तिल कर खोखला करता है, वह चाहे किसी भी समय आए, उसकी पहचान वही गद्दारी रहती है।
Mini Pappu: पूर्वनिर्धारित एजेंडा:-Mini Pappu केवल एक नाम नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोध का नया चेहरा बन चुका है। अपने स्वार्थ और एजेंडा के लिए वह देश की छवि को बार-बार कलंकित करता है। जहाँ दूसरों ने अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष किया, वहाँ यह नया चेहरा सिर्फ़ शोर मचाने और भ्रम फैलाने में लगा है।
भारत में फैलता कलंक:-कुछ लोग अपने स्वार्थ और एजेंडा के लिए देश की साख को दुनिया के सामने कलंकित कर रहे हैं।
दूसरे देश में बैठकर अपनी ही मातृभूमि की इज़्ज़त पर सवाल उठाना केवल व्यक्तिगत शर्म नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कलंक है।
नाम बदल लो, मंच बदल लो, लेकिन जो देश और जनता के विश्वास के साथ खेलता है, उसकी पहचान हमेशा गद्दारी और कलंक के रूप में इतिहास में दर्ज रहती है।
हमारे योद्धाओं और देशभक्तों ने जो सम्मान बनाया, उसे ये लोग अपने स्वार्थ के लिए धूमिल कर रहे हैं—और यह राष्ट्र कभी नहीं भूलता।
Tukdey Gang से ज्यादा घातक—देशविरोधी इस गैंग का खेल:-देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, कर्मों में होती है।
लेकिन आज हम देख रहे हैं कि एक ऐसी देशविरोधी गैंग उभर रही है, जो अपने स्वार्थ और एजेंडा के लिए देश की साख पर कालिख पोत रही है।
ISIS जैसी आतंकी ताकतें सीमाओं पर खतरा बनकर खड़ी रहती हैं, लेकिन यह गैंग भीतरी दुश्मन की तरह, देश के अंदर बैठकर छिपकर खेल खेल रही है।
ये लोग सोशल मीडिया, बड़े मंच और प्रचार के जरिये राष्ट्र के खिलाफ़ झूठ, भ्रम और गंदगी फैलाते हैं।
नाम, पहचान या जगह बदल लेने से इनकी गद्दारी छुप नहीं सकती—इतिहास हमेशा उन्हें उजागर करता है।
जहाँ सैनिक, शहीद और देशभक्त देश की रक्षा करते हैं, वही लोग अपने स्वार्थ के लिए देश की छवि को धूमिल करते हैं।
