“Bollywood में रिश्तों का पैटर्न—क्या यह ‘जिहाद’ वाली सोच से जुड़ा सवाल है?”जरा सोचिए कि हम सभी सनातनी लोग इन इस्लामीकरण कलाकारों पर हर साल कितना धन खर्च करते हैं। सिनेमा के मंहगा टिकटों से लेकर केबल टीवी के बिल तक। हमारे नादान बच्चे भी अपने जेबखर्च में से पैसे बचाकर इनके पोस्टर खरीदते हैं और इनके प्रायोजित टीवी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए हजारों रुपए के फोन करते हैं।
👉एक विचारणीय बिन्दू यह भी है कि बाॅलीवुड में शादियों का तरीका ऐसा क्यों है कि शाहरुख खान की पत्नी गौरी एक हिंदू है।
👉आमिर खान की पत्नियां रीमा दत्ता /किरण राव और सैफ अली खान की पत्नियाँ अमृता सिंह / करीना कपूर दोनों हिंदू हैं।
👉इसके पिता नवाब पटौदी ने भी हिंदू लड़की शर्मीला टैगोर से शादी की थी।
👉फरहान अख्तर की पत्नी अधुना भवानी और फरहान आजमी की पत्नी आयशा टाकिया भी हिंदू हैं।
👉अमृता अरोड़ा की शादी एक मुस्लिम से हुई है जिसका नाम शकील लदाक है।
👉सलमान खान के भाई अरबाज खान की पूर्व पत्नी मलाइका अरोड़ा हिंदू थी जिनका अभी तलाक हो चुका है और उसके छोटे भाई सुहैल खान की पत्नी सीमा सचदेव भी हिंदू हैं।
👉आमिर खान के भतीजे इमरान की हिंदू पत्नी का नाम अवंतिका मलिक है। संजय खान के बेटे जायद खान की पत्नी मलिका पारेख है।
👉फिरोज खान के बेटे फरदीन की पत्नी नताशा है। इरफान खान की बीवी का नाम सुतपा सिकदर है। नसरुद्दीन शाह की हिंदू पत्नी रत्ना पाठक हैं।

कुछ हिंदू अभिनेत्रियों को अपनी शादी और पारिवारिक स्थिरता बनाए रखने के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव झेलना पड़ा। जब विवाह के बाद पहचान, नाम और धार्मिक अभ्यास बदलने की अपेक्षा की जाती है, तो क्या इसे बॉलीवुड जिहाद के नाम से पुकारा जाये ?
“जिहाद भीतर, नाम हिंदू—क्यों?”- एक समय था जब मुसलमान एक्टर हिंदू नाम रख लेते थे क्योंकि उन्हें डर था कि अगर दर्शकों को उनके मुसलमान होने का पता लग गया तो उनकी फिल्म देखने कोई नहीं आएगा।
ऐसे लोगों में सबसे मशहूर नाम युसूफ खान का है जिन्हें दशकों तक हम दिलीप कुमार समझते रहे।
महजबीन अलीबख्श मीना कुमारी बन गई और मुमताज बेगम जहाँ देहलवी मधुबाला बनकर हिंदू ह्रदयों पर राज करतीं रहीं।
बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी को हम जॉनी वाकर समझते रहे और हामिद अली खान विलेन अजित बनकर काम करते रहे।
हममें से कितने लोग जान पाए कि अपने समय की मशहूर अभिनेत्री रीना राय का असली नाम सायरा खान था।
आज के समय का एक सफल कलाकार जॉन अब्राहम भी दरअसल एक मुस्लिम है जिसका असली नाम फरहान इब्राहिम है।
क्या हम सनातनी समाज के रूप में बॉलीवुड में चल रहे इस वैचारिक धर्म के खेल या पर्दे के पीछे से चल रही साजिशे को यूँ ही चुपचाप देखते रहेंगे? अब समय है कि सनातनी समाज भावनाओं में नहीं, तथ्यों और विवेक के साथ सोचे—देखते रहने के बजाय समझे, पूछे और अपने सांस्कृतिक आत्मसम्मान के साथ खड़ा हो।
